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9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा प्रदेश का बजट, अखिलेश बोले- विदाई बजट

9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा प्रदेश का बजट, अखिलेश बोले- विदाई बजट

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर

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satyakee parakh 11 फ़रवरी 2026, 18:48 IST
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9 वर्षों में तीन गुना बढ़ा प्रदेश का बजट, अखिलेश बोले- विदाई बजट

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा के सभागार में पत्रकारों को संबोधित करते हुए वर्ष 2026-27 के बजट की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्षों के दौरान अपना परसेप्शन बदलने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश ने इस दौरान पॉलिसी पैरालिसिस से उभर कर परसेप्शन को बदलकर खुद को अनलिमिटेड पोटेंशियल स्टेट के रूप में प्रस्तुत किया है, आज का यह बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रदेश का यह बजट  9 वर्षों में तीन गुना से अधिक बढ़ा है। आज 9,12,000 करोड़ रुपये से अधिक का बजट विधानसभा में प्रस्तुत किया गया। बजट की थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम, तकनीकी निवेश से समृद्ध होते उत्तर प्रदेश पर आधारित है।

*प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 43,565 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि नई योजनाओं के लिए बजट में प्रस्तावित की गई हैं। वहीं 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए आंवटित की गई है। परिसंपत्तियों के नवनिर्माण, इन्फ्रास्ट्रक्चर के डेवलपमेंट और अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यहीं से रोजगार का सृजन होता है। यह प्रदेश में पहली बार है, जब किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ। पिछले 9 वर्षों में कोई भी नया टैक्स नहीं लगाया गया है। इसके साथ ही यूपी में जो कर चोरी और लीकेज थे, इन सबको रोक कर कुशल वित्तीय प्रबंधन के माध्यम से बीमारू राज्य से उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था का एक ब्रेकथ्रू के रूप में प्रस्तुत किया गया है। आज उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। वर्ष 2017 में 30 फीसदी से अधिक राज्य में ऋणग्रस्तता थी। हम लोगों ने इसे घटाकर पिछले दो-तीन वर्षों में 27 फीसदी लाने में सफलता प्राप्त की। इस वित्तीय वर्ष में इसे 23 फीसदी तक लाने का लक्ष्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के अनुसार किसी भी राज्य की जो कुल जीएसडीपी होगी, उस पर 30 फीसदी से अधिक ऋण नहीं होना चाहिए। आज उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल है, जिन्होंने अपने वित्तीय प्रबंधन को एफआरबीएम की निर्धारित सीमा के अधीन रखा है। यह हमारा कुशल वित्तीय अनुशासन है। कोई नया टैक्स लगाए बिना प्रदेश ने जन-कल्याण व इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्कीम के साथ प्रत्येक सेक्टर में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन इकॉनमी में से एक है।
वहीं इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। ये विदाई बजट है, बीजेपी की विदाई तय है। 9 लाख करोड़ का बजट जनता के साथ धोखा है।सरकार 50% बजट भी खर्च नहीं कर पाती है। यूपी की GSDP 90 लाख करोड़ होनी चाहिए। अमेरिका ट्रेड डील से किसानों पर संकट है। बजट में किसानों के लिए कोई रोडमैप तैयार नहीं है।

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satyakee parakh संपादक

सत्य की परख — लखनऊ से समाचार।

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