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मुख्य सचिव ने विभिन्न जनपदों से आए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लाभार्थियों से किया सीधा संवाद

लोकभवन में हुई बैठक

*लखनऊः* मुख्य सचिव एस.पी. गोयल की अध्यक्षता में ओडीओपी (एक जनपद एक उत्पाद) सामान्य सुविधा केन्द्र (सीएफसी) योजनान्तर्गत निर्मित एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
अपने संबोधन में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सभी सीएफसी को उद्यमियों, बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के लिए अधिक उपयोगी, सुलभ और प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सीएफसी की  व्यवहार्यता एवं उपयोगिता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार अभियान चलाया जाए तथा जिला प्रशासन, बैंकों एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के समन्वय से नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
श्री गोयल ने निर्देश दिए कि सीएफसी की पहुंच अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सुनिश्चित करने के लिए इंस्टाग्राम, यूट्यूब, फेसबुक, व्हाट्सएप सहित विभिन्न डिजिटल एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय उपस्थिति बनाई जाए। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में डोर-टू-डोर जनजागरूकता अभियान चलाकर पम्पलेट वितरित किए जाएं तथा ‘उद्योग बंधु’ और विभिन्न इंडस्ट्री एसोसिएशनों के माध्यम से जागरूकता कार्यशालाएं आयोजित की जाएं, ताकि स्थानीय उद्योगों, सूक्ष्म उद्यमियों और हस्तशिल्पियों को सीएफसी की सुविधाओं की जानकारी मिल सके और गुणवत्ता व उत्पादकता में सुधार हो।
उन्होंने कहा कि जिला एवं मंडल स्तरीय उद्योग बंधु की बैठकें सीएफसी परियोजना स्थलों पर आयोजित की जाएं, जिससे अधिक से अधिक उद्यमी, बुनकर और हस्तशिल्पी इन केन्द्रों की गतिविधियों एवं उपलब्ध सुविधाओं से सीधे परिचित हो सकें। प्रत्येक सीएफसी के लिए एक सिटीजन चार्टर तैयार कर उसे परियोजना स्थल तथा हस्तशिल्प बहुल क्षेत्रों में प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए। सिटीजन चार्टर में उपलब्ध सुविधाओं, यूजर चार्जेज, बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों के अधिकारों तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए।
मुख्य सचिव ने अधिक से अधिक छोटे उद्यमियों, बुनकरों एवं हस्तशिल्पियों को सीएफसी का सदस्य बनाकर यूजर बेस बढ़ाने पर विशेष बल दिया। नई सीएफसी परियोजनाओं के चयन में यह सुनिश्चित किया जाए कि उनका स्थान कारीगर एवं हस्तशिल्प बहुल क्षेत्रों में हो, जिससे उनकी उपयोगिता और प्रभावशीलता अधिकतम हो सके।
<span;>                  उन्होंने कहा कि सीएफसी स्थानीय उद्योगों और विनिर्माण इकाइयों से संपर्क स्थापित कर फैक्ट्री श्रमिकों के लिए अपस्किलिंग कार्यक्रम प्रारंभ कराने के प्रयास करें, ताकि उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही सभी सीएफसी के प्रदर्शन में सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाकर उसके परिणामों की नियमित समीक्षा की जाए।
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विभिन्न जनपदों से आए कॉमन फैसिलिटी सेंटर के लाभार्थियों से सीधा संवाद किया तथा उनके सुझावों और समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राप्त समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में ओडीओपी सामान्य सुविधा केन्द्र योजना के अंतर्गत वर्तमान में 17 परियोजनाएं संचालित हैं, 13 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं तथा 11 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव एमएसएमई शशि भूषण लाल सुशील, विशेष सचिव एमएसएमई  शिशिर सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे

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