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राम मंदिर चंदा चोरी कांड में बड़ी कार्रवाई, SIT रिपोर्ट आते ही चंपत राय और अनिल मिश्रा ने मंदिर ट्रस्ट से दिया इस्तीफा !

अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावा और चंदा चोरी मामले में आज एक बहुत बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और वरिष्ठ ट्रस्ट सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट आने और इस मामले में हुई ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद दोनों ने नैतिकता के आधार पर पद छोड़ा है।
इस्तीफे के पीछे की बड़ी वजहें
    • SIT की शुरुआती रिपोर्ट: मामले की जांच कर रही एसआईटी (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट में गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है।
    • 8 आरोपियों की गिरफ्तारी: गुरुवार को ही पुलिस ने इस घोटाले के सिलसिले में 8 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें चंपत राय का करीबी और ड्राइवर रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू भी शामिल है।
    • FIR और कानूनी धाराएं: ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के बाद इस मामले में पहली एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी है। इसमें आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई गंभीर धाराओं के तहत कैश की हेराफेरी का मुकदमा दर्ज हुआ है।

सीएम योगी आदित्यनाथ का सख्त रुख
इस इस्तीफे से कुछ ही समय पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा था कि “दूध का दूध और पानी का पानी होगा”। सीएम योगी ने साफ किया कि राम भक्तों की आस्था और सनातन धर्म की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर की जा रही राजनीति की भी कड़ी निंदा की।
VHP ने भी बनाया था दबाव
सूत्रों के मुताबिक, विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वीएचपी के बड़े नेताओं के अयोध्या पहुंचने और ट्रस्ट के पदाधिकारियों से जवाब-तलब करने के बाद ही चंपत राय और अनिल मिश्रा ने अपना इस्तीफा टाइप कर दस्तखत किए हैं। राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर इस बड़ी कार्रवाई को लेकर चर्चाएं बेहद तेज हैं क्योंकि अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यह कड़ा संदेश दिया है।

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