
लखनऊ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव हारने के बाद प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बीजेपी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। इसके साथ ही ममता ने कहा कि मैं लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं दूंगी। ममता ने दावा किया कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता। ममता ने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस चुनाव में चुनाव आयोग लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को छीनने और ईवीएम में हेराफेरी करने के मामले में ‘खलनायक’ बन गया। उन्होंने सवाल किया कि क्या आप मुझे बता सकते हैं कि वोटिंग के बाद भी ईवीएम 80-90 प्रतिशत चार्ज कैसे हो सकता है? यह कैसे संभव है? चुनाव से दो दिन पहले ही उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने हर जगह छापेमारी शुरू कर दी। उन्होंने सभी आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदल दिया।
चुनाव आयोग और बीजेपी पर लगाए आरोप
ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने अपनी पार्टी के लोगों को चुना और बीजेपी ने सीधे तौर पर चुनाव आयोग के साथ मिलकर खेल खेला। यह बीजेपी और चुनाव आयोग के बीच एक तरह की ‘बाजी’ थी। हमने पूरी सरकारी मशीनरी के खिलाफ लड़ाई लड़ी। इसमें प्रधानमंत्री और होम मिनिस्टर भी शामिल थे। यह सीधे तौर पर उनका हस्तक्षेप था। उन्होंने एसआईआर से 90 लाख नाम हटा दिए थे। जब हम कोर्ट गए, तो 32 लाख नाम फिर से शामिल किए गए। उन्होंने बहुत ही गंदे, घटिया और शरारती खेल खेले।



