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योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा

लखनऊ को मिली नई पहचान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के नवीन विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही वाहन निर्माण और औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। यह संयंत्र विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे लखनऊ को हरित औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि योगी सरकार के सहयोग और प्रशासनिक तत्परता के कारण मात्र 14 महीने में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हो सका।

*योगी सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से निवेश को प्रोत्साहन*
उद्घाटन के अवसर पर अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह कंपनी का पहला विनिर्माण संयंत्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास और निवेश के लिए प्रदेश में एक सुदृढ़ और भरोसेमंद तंत्र तैयार किया गया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, प्रभावी कानून व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन आज उत्तर प्रदेश की पहचान है जो उद्योगपतियों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश में निवेश के साथ ही इससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के साथ कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश ‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्र्स्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज कंपनी 15 देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है।

*निवेश के लिए स्थायित्व और भरोसे का माहौल*
धीरज हिंदुजा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रक्षा तंत्र की मजबूती और स्थायित्व से देश में निवेश का भरोसेमंद वातावरण बना है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में उद्योगों के लिए विकसित सकारात्मक माहौल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस और प्रभावी पहल की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

*भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया संयंत्र*
अशोक लेलैंड कंपनी के अनुसार लखनऊ का यह संयंत्र भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। आधुनिक विनिर्माण तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से यहां तीव्र गति से इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा।

*स्थानीय समुदाय के लिए लाभ और सामाजिक पहल*
अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि जहां भी अशोक लेलैंड का संयंत्र स्थापित होता है, वहां स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कंपनी की रोड टू स्कूल पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों को पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

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