
लखनऊ: काकोरी नगर पंचायत के शीलता माता मंदिर परिसर में मध्यांचल वन इंफ्रा द्वारा मंगलवार को स्मार्ट चौपाल का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर और चेयरमैन काकोरी रोहित साहू के द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में उपभोक्ताओं की स्मार्ट मीटर से संबंधित शंकाओं का हल एक ही मंच पर किया गया। जिनमें उपभोक्ताओं ने स्मार्ट मीटर के फायदे, देश और राज्य के विकास में स्मार्ट मीटर का योगदान, स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली उपयोग पर उपभोक्ताओं को आत्मनिर्भर बनाना जैसी जानकारियां उपभोक्ताओं को दी गई। वहीं उपभोक्ताओं ने भी यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप के उपयोग के तरीके और स्मार्ट मीटर का स्मार्ट तरीके से उपयोग के बारे में जानकारी ली।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने कहा कि ‘उपभोक्ता एवं बिजली विभाग के बीच में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि उपभोक्ता का किसी भी तरह का संदेह दूर हो सके और उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के प्रति जागरूक हो सकें।’ एक उदाहरण देते हुए कौशल किशोर ने कहा कि ‘मेरे पास एक उपभोक्ता स्मार्ट मीटर तेज चलने की शिकायत लेकर आई थीं, मैंने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उनके घर पर चैक मीटर लगाएं। जब चैक मीटर लगा तो पता चला कि स्मार्ट मीटर और चैक मीटर की रीडिंग एक समान आई है। ऐसे अनेकों प्रमाण हैं, जिनसे सिद्ध होता है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ता के हित में है और यह तेज नहीं चलते हैं। यदि आपको बिजली संबंधी किसी भी तरह की शिकायत या समस्या हो तो आप सीधे 1912 पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। ये सुविधा पूर्व की सरकारों में नहीं थी।’
काकोरी के चेयरमैन रोहित साहू ने कहा कि ‘स्मार्ट मीटर समय की मांग है। हम सभी का लक्ष्य है कि जल्द ही हर घर में स्मार्ट मीटर लग जाएं। ये केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना है। जो बिजली व्यवस्था के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति ला रही है।’
एक्सईएन सुदेश कुमार ने कहा कि ‘स्मार्ट मीटर बिजली चोरी रोकने का सशक्त माध्यम माध्यम है, हमारा आप सभी उपभोक्ताओं से अनुरोध है अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाएं। इससे आपको बार-बार बिजली विभाग के दफ्तर के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप के माध्यम से घर बैठे, रिचार्ज और बिल का भुगतान कर सकते हैं।’
मध्यांचल वन इंफ्रा के स्टेट हेड रजत गुप्ता ने कहा कि ‘यह योजना न केवल बिजली वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाएगी, बल्कि बिजली चोरी जैसी समस्याओं को भी समाप्त करेगी। स्मार्ट मीटर का हर घर में इंस्टॉल होना तकनीकी विकास का हिस्सा है और यह एक नई सोच की शुरुआत भी है। जिससे न सिर्फ बिजली उपभोक्ता बल्कि राज्य और देश भी आर्थिक रूप से मजबूत होगा।’
एसडीओ काकोरी ऐतबार सिद्दीकी ने कहा कि ‘स्मार्ट चौपाल एक सराहनीय पहल है। इससे स्मार्ट मीटर से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने में सहायता मिल रही है। कार्यकम के दौरान 500 से अधिक उपभोक्ता अपनी समस्याएं लेकर आए, जिनका समाधान एक ही मंच पर किया गया। मुझे पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही हर उपभोक्ता के मन का संशय दूर करने में सफल होंगे।’
पारख व्यपार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान ने कहा कि ‘हम जल्द ही प्रदेशभर में स्मार्ट मीटर जागरूकता अभियान शुरू करने वाले हैं। ताकि प्रदेश का हर व्यापारी, कारोबारी और आम उपभोक्ता इसके फायदों के बारे में जान पाएं’।
काकोरी की उपभोक्ता प्रीति जायसवाल ने कहा कि ‘मुझे कई दिनों से लग रहा था कि मेरे घर में स्मार्ट मीटर इंस्टॉल होने के बाद कहीं मेरा बिजली का बिजली का बिल ज्यादा तो नहीं आएगा। लेकिन यहां आने के बाद मुझे यूपीपीसीएल स्मार्ट ऐप पर लॉगिन कराकर ये दिखाया गया कि मेरी जितनी खपत हो रही है मेरा बिजली बिल उतना ही आ रहा है।’
काकोरी की ही दूसरी उपभोक्ता रीना सिंह ने कहा कि ‘मेरी भी बिल से संबंधित कुछ शंकाएं थीं। जिसका समाधान हो गया है। ऐसे सहायता केंद्र उपभोक्ताओं के लिए बहुत जरूरी हैं।’
इस कार्यकम में काकोरी के जेई अजीत सिंह, पारख व्यापार मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेम किशोर, महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष नीतू सिंह चौहान, पार्षद बृजेश कुमार, मध्यांचल वन इन्फ्रा के डीजीएम नीरज तिवारी, सर्कल इंचार्ज संदीप तिवारी, डिवीजन इंचार्ज अवध समेत सैकड़ों उपभोक्ता शामिल हुए।
*क्या है ‘स्मार्ट चौपाल’ ?*
स्मार्ट चौपाल मध्यांचल वन इंफ्रा की एक पहल है। जिसमें बिजली विभाग के अधिकारी, स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने वाली कंपनी के कर्मचारी और उपभोक्ता सभी एक मंच पर संवाद करते हैं। यहां सामने आनी वाली शंकाओं और समस्याओं का समाधान इसी मंच पर किया जाता है।
*स्मार्ट मीटर के फायदे*
स्मार्ट मीटर से सटीक बिलिंग होती है और गलत बिलों से बचा जा सकता है। स्मार्ट मीटर आपको लगभग वास्तविक समय में यह देखने में मदद करते हैं कि आप कितनी ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं, जिससे आप अपनी बिजली की खपत को बेहतर ढंग से समझ सकते हैं और बचत कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर के साथ, आपको बिजली का बिल जमा करने के लिए बिजली दफ्तर जाने की आवश्यकता नहीं है, आप घर बैठे ही ऑनलाइन तरीके से बिजली से जुड़ी सारी सुविधाएं प्राप्त कर सकते हैं। स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को उनकी बिजली खपत की आदतों के बारे में बेहतर जानकारी देते हैं और उन्हें बेहतर ऊर्जा उपभोक्ता बनाते हैं। स्मार्ट मीटर बिजली चोरी की रोकथाम में मदद करते हैं क्योंकि वे स्वचालित रूप से रीडिंग भेजते हैं और बिलिंग करते हैं।



